नई दिल्ली/वॉशिंगटन: भारत ने अमेरिका की अगुवाई वाली ‘पैक्स सिलिका’ पहल से जुड़कर रणनीतिक संसाधनों और उन्नत तकनीक में सहयोग को प्राथमिकता दी है। यह पहल उन देशों को साथ लाने का प्रयास है जो सुरक्षित और भरोसेमंद आपूर्ति शृंखला विकसित करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है, खासकर इलेक्ट्रिक वाहनों और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के कारण। ऐसे में यह साझेदारी भारत को दीर्घकालिक संसाधन सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी संयुक्त अनुसंधान, डेटा साझाकरण और नीति समन्वय पर जोर दिया जाएगा। इससे भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, यह समझौता भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को और गहरा करेगा तथा भविष्य की तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करेगा।









