LPG आपूर्ति को लेकर भारत सतर्क, रूस समेत नए विकल्पों पर सरकार की नजर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत अपनी एलपीजी (रसोई गैस) आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम कर रहा है। मध्य पूर्व में जारी तनाव और आपूर्ति बाधाओं की आशंका के बीच रूस से एलपीजी आयात बढ़ाने की संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। सरकार ने साफ किया है कि आम नागरिकों की ईंधन जरूरतों को किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में कहा कि भारत ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। उन्होंने बताया कि बदलते अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनजर सरकार विभिन्न देशों के साथ संपर्क में है और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों को सक्रिय किया जाएगा। उनका कहना था कि “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में एलपीजी की उपलब्धता बनी रहे और उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।”

दरअसल, मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्गों पर दबाव बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम समुद्री रास्तों में किसी भी तरह की बाधा भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए चुनौती बन सकती है। भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में वैश्विक घटनाक्रम का सीधा असर घरेलू आपूर्ति और कीमतों पर पड़ता है।

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से एलपीजी आयात भारत के लिए एक व्यवहारिक विकल्प बन सकता है। रूस पहले से ही भारत को कच्चा तेल रियायती दरों पर उपलब्ध कराता रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग मजबूत हुआ है। यदि एलपीजी के क्षेत्र में भी यह साझेदारी बढ़ती है, तो भारत को आपूर्ति में स्थिरता के साथ-साथ कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, इस दिशा में आगे बढ़ने से पहले कई व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, भुगतान प्रणाली और परिवहन लागत जैसे मुद्दे इस प्रक्रिया को जटिल बना सकते हैं। इसके बावजूद, सरकार इन चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में काम कर रही है।

घरेलू स्तर पर भी सरकार ने कई कदम उठाए हैं। गैस भंडारण क्षमता बढ़ाने, पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क का विस्तार करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम जारी है। इन उपायों का उद्देश्य भविष्य में किसी भी संभावित संकट से निपटने की तैयारी करना है।

इसके साथ ही, सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि उज्ज्वला योजना सहित सभी योजनाओं के लाभार्थियों को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और वितरण व्यवस्था को बेहतर करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

Leave a Comment

और पढ़ें