आईपीएल 2026 में एक बार फिर युवा बल्लेबाज़ Vaibhav Sooryavanshi ने साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। जहां आमतौर पर युवा खिलाड़ियों के लिए दूसरा सीजन चुनौतीपूर्ण माना जाता है, वहीं वैभव ने इस धारणा को पूरी तरह गलत साबित कर दिया है। Rajasthan Royals और Chennai Super Kings के बीच खेले गए मुकाबले में उनकी शानदार बल्लेबाज़ी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स लक्ष्य का पीछा कर रही थी, तभी तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने फैंस और क्रिकेट एक्सपर्ट्स को हैरान कर दिया। न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज़ Matt Henry ने एक बेहतरीन स्लोअर बॉल फेंकी, जो बल्लेबाज़ को भ्रमित करने के लिए पिच में गड़ी हुई थी। यह गेंद ‘कॉरिडोर ऑफ अनसर्टेनटी’ में डाली गई थी, जहां अच्छे-अच्छे बल्लेबाज़ चूक जाते हैं।
लेकिन वैभव के लिए यह कोई मुश्किल नहीं थी। उन्होंने गेंद की गति और लंबाई को तुरंत पढ़ लिया, अपने शॉट को कंट्रोल करते हुए बैकफुट पर गए और पॉइंट-कवर के ऊपर से शानदार छक्का जड़ दिया। यह शॉट न केवल तकनीकी रूप से बेहतरीन था, बल्कि इसमें जो आत्मविश्वास और ताकत दिखी, वह एक 15 साल के खिलाड़ी के लिए असाधारण कही जाएगी।
क्रिकेट में अक्सर देखा गया है कि युवा खिलाड़ी अपने पहले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हैं, लेकिन दूसरे सीजन में उन पर दबाव बढ़ जाता है और उनका प्रदर्शन गिर जाता है। इसे ही “सेकंड सीजन सिंड्रोम” कहा जाता है। लेकिन वैभव सूरयवंशी इस ट्रेंड से बिल्कुल अलग नजर आ रहे हैं। उन्होंने दिखा दिया है कि अगर टैलेंट और आत्मविश्वास मजबूत हो, तो किसी भी तरह का दबाव मायने नहीं रखता।
बिहार के समस्तीपुर से आने वाले इस युवा खिलाड़ी ने बहुत कम समय में खुद को एक बड़े मंच पर स्थापित कर लिया है। उनकी बल्लेबाज़ी में परिपक्वता, शॉट चयन और खेल की समझ उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है। यही कारण है कि उन्हें “वंडरकिड” और “फ्यूचर स्टार” जैसे नाम दिए जा रहे हैं।
इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव का भविष्य बेहद उज्ज्वल है। अगर वह इसी तरह खेलते रहे, तो आने वाले वर्षों में वह भारतीय क्रिकेट के बड़े नामों में शामिल हो सकते हैं।









