फाल्टा में मतदान के बीच ईवीएम पर आरोप-प्रत्यारोप, राजनीतिक माहौल हुआ और गरम

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पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान के दिन ईवीएम को लेकर उठे विवाद ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस सीट पर पहले से ही कड़ा मुकाबला माना जा रहा था, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने इसे और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।

भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार Debangshu Panda ने आरोप लगाया है कि कुछ मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में तकनीकी समस्या आई, जिससे उनके नाम के सामने मौजूद बटन सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। उनका कहना है कि कई मतदाताओं ने शिकायत की कि वे उनके पक्ष में वोट नहीं डाल पा रहे थे। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है।

भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर पुनर्मतदान की मांग भी उठाई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि मतदाताओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से मतदान करने का अवसर नहीं मिला, तो चुनाव परिणाम की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मांग की है कि जिन बूथों पर गड़बड़ी की शिकायत मिली है, वहां दोबारा मतदान कराया जाए।

वहीं, सत्तारूढ़ All India Trinamool Congress ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा चुनावी हार की आशंका से ऐसे आरोप लगा रही है। तृणमूल नेताओं के अनुसार, ईवीएम पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी प्रणाली के तहत काम करती हैं और इनमें छेड़छाड़ की संभावना बेहद कम होती है।

फाल्टा सीट का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह Abhishek Banerjee के प्रभाव वाले क्षेत्र में आती है। इसी कारण यहां चुनाव के दौरान हर गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा रही है। इससे पहले भी इस इलाके में प्रशासन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की खबरें सामने आ चुकी हैं।

मतदान के दिन सामने आए इन आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जहां-जहां से शिकायतें मिली हैं, वहां तकनीकी टीमों को भेजा गया है। मशीनों की जांच की जा रही है और यदि किसी प्रकार की खराबी पाई जाती है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि ईवीएम में कई स्तर की सुरक्षा होती है, जिससे किसी भी तरह की जानबूझकर छेड़छाड़ करना बेहद मुश्किल होता है। इसके बावजूद, आयोग हर शिकायत को गंभीरता से ले रहा है ताकि मतदाताओं का विश्वास बना रहे।

इस बीच, स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी की जा रही है। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करें।

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