अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया था कि ईरान ने 10 तेल टैंकरों को गुजरने दिया, यह उनकी तरफ से गिफ्ट है। इन टैंकरों पर पाकिस्तान का झंडा था और ईरान इससे भरोसा जीतना चाहता था। उन्होंने कहा कि ईरान ने भरोसा दिखाने के लिए 8 बड़े तेल टैंकरों को गुजरने दिया और बाद में 2 और भेजे। वहीं, ट्रम्प ने कहा कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 10 दिन के लिए टाल दिए हैं। नई डेडलाइन अब 6 अप्रैल तय की गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर फिलहाल कार्रवाई नहीं करेगा और 10 दिन की मोहलत दी गई है। उन्होंने बताया कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत को आगे बढ़ने का मौका मिल सके। इससे पहले भी ट्रम्प ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की योजना को टाल चुके हैं, जिसे अब फिर से आगे बढ़ाया गया है। ईरान की होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब पर हमले की धमकी इसी बीच खबरें हैं कि अमेरिका, ईरान के खार्ग द्वीप पर जमीनी हमला (ग्राउंड इनवेजन) कर सकता है। इसके जवाब में ईरान ने बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट को बंद करने की चेतावनी दी है। बाब-अल-मंदेब रेड सी का एंट्री प्वाइंट है। यह रेड सी को अरब सागर से जोड़ता है। स्वेज नहर तक जाने वाले जहाज इसी रास्ते से गुजरते हैं। दुनिया के करीब 12 प्रतिशत तेल की सप्लाई यहीं से गुजरती है। यह दुनिया का चौथा सबसे बड़ा शिपिंग रूट है। बाब-अल-मंदेब अफ्रीकी देश जिबूती में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस इस स्ट्रेट से सिर्फ 30 किमी दूर है। अगर बाब-अल-मंदेब में भी रुकावट आती है, तो मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष और बढ़ सकता है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…









