बयान विवाद में पवन खेड़ा को राहत, हाई कोर्ट ने दी एक हफ्ते की ट्रांजिट बेल

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

कांग्रेस नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता Pawan Khera को एक विवादित बयान मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट से अहम राहत मिली है। अदालत ने उन्हें एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत प्रदान की है, जिससे फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है। यह मामला असम में दर्ज एफआईआर से संबंधित है, जो उनके एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान के बाद सामने आया था।

तेलंगाना हाई कोर्ट की जस्टिस के. सुजाना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अंतरराज्यीय मामलों में ट्रांजिट बेल देना न्यायिक अधिकार क्षेत्र के भीतर आता है। कोर्ट ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तारी का वास्तविक खतरा हो, तो उसे सीमित अवधि के लिए संरक्षण दिया जा सकता है।

मामले की शुरुआत 4 अप्रैल को हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई थी, जिसमें Pawan Khera ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma और उनके परिवार को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए थे। इन बयानों के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर असम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया।

जांच के दौरान असम पुलिस और दिल्ली पुलिस ने मिलकर खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर तलाशी भी ली थी। इस कार्रवाई के बाद उनकी गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई थी, जिसके चलते उन्होंने तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया।

अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि यह राहत केवल अस्थायी है और इसका उद्देश्य Pawan Khera को असम की सक्षम अदालत में नियमित अग्रिम जमानत के लिए आवेदन करने का समय देना है। कोर्ट ने उन्हें सात दिनों के भीतर संबंधित अदालत में याचिका दायर करने का निर्देश दिया है।

इस दौरान उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा और किसी भी तरह से जांच प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करना होगा। अदालत ने यह भी कहा कि ट्रांजिट बेल का मकसद आरोपी को कानूनी विकल्पों का उपयोग करने का अवसर देना है, न कि स्थायी राहत प्रदान करना।

इस फैसले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस ने इसे न्याय की जीत बताया है, जबकि अन्य दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Leave a Comment

और पढ़ें