देहरादून: उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो गया। करीब छह महीने तक बर्फबारी और ठंड के कारण बंद रहने वाले गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हजारों भक्तों ने जयकारों के साथ दर्शन कर अपनी आस्था प्रकट की।
निर्धारित समय के अनुसार गंगोत्री मंदिर के कपाट दोपहर 12:15 बजे खोले गए, जबकि यमुनोत्री मंदिर के कपाट 12:35 बजे खुले। इस दौरान पूरे क्षेत्र में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज सुनाई दी। श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा कर यात्रा की शुरुआत को शुभ माना।
परंपरा के अनुसार, दोनों धामों में पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से संपन्न की गई। इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami भी गंगोत्री धाम में उपस्थित रहे। उन्होंने विशेष पूजा-अर्चना कर देश की उन्नति और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क मार्गों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को मजबूत किया गया है। विभिन्न स्थानों पर मेडिकल टीम और हेल्प सेंटर तैनात किए गए हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें। प्लास्टिक के उपयोग से बचने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करने पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि हिमालयी क्षेत्र की सुंदरता और पवित्रता बनी रहे।
चारधाम यात्रा में गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ शामिल हैं, जहां हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
यात्रा के पहले दिन से ही प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। मौसम की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।









