मुंबई।
लीलावती अस्पताल ने एक बड़ा और अहम प्रशासनिक फैसला लेते हुए मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को कार्यकारी निदेशक (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) के पद से हटा दिया है। यह कार्रवाई एक कर्मचारी से पदोन्नति के बदले कथित तौर पर 25 लाख रुपये की मांग किए जाने के आरोपों के बाद की गई है।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल प्रशासन को एक कर्मचारी द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें पदोन्नति के एवज में भारी रकम मांगे जाने का आरोप लगाया गया। शिकायत मिलते ही प्रबंधन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक जांच शुरू की।
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और आरोपों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने त्वरित निर्णय लेते हुए परमबीर सिंह को उनके पद से हटाने का फैसला किया। प्रशासन का कहना है कि संस्था में भ्रष्टाचार या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता के लिए शून्य सहनशीलता नीति अपनाई जाती है।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि संगठन की साख और पारदर्शिता सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनैतिक आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं, सूत्रों का यह भी कहना है कि परमबीर सिंह इस निर्णय को चुनौती देते हुए कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, इस मामले में उनकी ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मुंबई पुलिस बल के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी रहे परमबीर सिंह एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। यह घटनाक्रम न केवल अस्पताल प्रशासन बल्कि पूरे मुंबई में चर्चा का विषय बना हुआ है।








