एआई की वैश्विक दिशा तय करने की पहल: दिल्ली समिट को ब्रिटेन की उपप्रधानमंत्री ने बताया निर्णायक मोड़

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit अंतरराष्ट्रीय नीति-निर्माण के लिहाज से बेहद अहम साबित होता नजर आ रहा है। इस शिखर सम्मेलन को लेकर ब्रिटेन की उपप्रधानमंत्री Angela Rayner ने कहा कि यह आयोजन एआई के पूर्ण लाभों को सामने लाने और इसके जिम्मेदार उपयोग की दिशा तय करने का एक “महत्वपूर्ण क्षण” है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि एआई आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, शासन प्रणाली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बदल सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिकता, सुरक्षा और पारदर्शिता पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है, ताकि एआई समाज के हर वर्ग के लिए लाभकारी बन सके।

उपप्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल क्षमता और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि भारत जैसे देश एआई के वैश्विक विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि अलग-अलग देशों को साझा नियम, मानक और नीतियां विकसित करनी होंगी, जिससे एआई का सुरक्षित और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।

समिट के दौरान एआई से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई, जिनमें डेटा सुरक्षा, रोजगार पर प्रभाव, कौशल विकास और एआई के सामाजिक परिणाम प्रमुख रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई के कारण जहां नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे, वहीं पारंपरिक रोजगार के स्वरूप में भी बदलाव आएगा, जिसके लिए समय रहते तैयारी जरूरी है।

सम्मेलन में शामिल नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस बात पर सहमति जताई कि एआई का भविष्य केवल तकनीकी नवाचार पर निर्भर नहीं करेगा, बल्कि इस पर भी निर्भर करेगा कि इसे कितनी जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ अपनाया जाता है।

कुल मिलाकर, दिल्ली में आयोजित यह एआई इम्पैक्ट समिट न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एआई के भविष्य को दिशा देने वाला मंच बनकर उभरा है।

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