मेसी की प्रतिमा पर उठे सुरक्षा सवाल, कोलकाता में फुटबॉल प्रेमियों के बीच बढ़ी चिंता

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कोलकाता में स्थापित फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी की विशाल प्रतिमा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। कुछ महीने पहले बड़े उत्साह के साथ बनाई गई 70 फीट ऊंची इस प्रतिमा को अब सुरक्षा कारणों से हटाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि तेज हवा के दौरान प्रतिमा का संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिससे किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।

यह प्रतिमा पिछले वर्ष उस समय बनाई गई थी जब अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान लियोनेल मेसी भारत दौरे पर आए थे। कोलकाता में फुटबॉल के प्रति लोगों की दीवानगी को देखते हुए स्थानीय आयोजकों और प्रशंसकों ने मेसी को सम्मान देने के लिए यह विशाल ढांचा तैयार कराया था। प्रतिमा में मेसी को फीफा विश्व कप ट्रॉफी के साथ दिखाया गया था, जिसने फुटबॉल प्रेमियों को खासा आकर्षित किया।

प्रतिमा बनने के बाद यह शहर के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो गई थी। बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचकर तस्वीरें लेते थे और सोशल मीडिया पर साझा करते थे। खासकर युवाओं के बीच यह जगह काफी लोकप्रिय हो गई थी। लेकिन हाल ही में आसपास रहने वाले लोगों ने शिकायत की कि तेज हवा के दौरान प्रतिमा हल्की झूलती हुई दिखाई देती है।

इन शिकायतों के बाद प्रशासन और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में प्रतिमा की संरचना को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना गया। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में दुर्घटना हो सकती है।

प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रतिमा को अस्थायी रूप से हटाने का फैसला लिया जा सकता है। साथ ही यह भी विचार किया जा रहा है कि इसे किसी दूसरे सुरक्षित स्थान पर दोबारा स्थापित किया जाए। अधिकारियों ने कहा है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाए बिना सुरक्षित तरीके से हटाने की योजना तैयार की जा रही है।

इस बीच फुटबॉल प्रशंसकों में निराशा भी देखने को मिल रही है। कई लोगों का कहना है कि यह प्रतिमा केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि कोलकाता के फुटबॉल प्रेम और मेसी के प्रति लोगों की भावनाओं का प्रतीक थी। शहर में अर्जेंटीना और ब्राजील फुटबॉल टीमों के समर्थकों की बड़ी संख्या है और मेसी को लेकर लोगों में खास दीवानगी देखी जाती रही है।

कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी प्रतिमा के निर्माण से पहले तकनीकी सुरक्षा मानकों पर और अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए था। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े सार्वजनिक ढांचों के लिए मजबूत आधार, नियमित निरीक्षण और मौसम के प्रभावों को ध्यान में रखना बेहद जरूरी होता है।

मेसी के भारत दौरे के दौरान कोलकाता में भारी भीड़ उमड़ी थी। हालांकि कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और टिकट प्रबंधन को लेकर विवाद भी सामने आए थे। कई दर्शकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिली और भीड़ नियंत्रण कमजोर रहा।

अब प्रतिमा को हटाए जाने की संभावना ने एक नई बहस छेड़ दी है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या लोकप्रियता और भावनाओं के बीच सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई। दूसरी ओर प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि किसी भी संभावित खतरे से बचना उसकी पहली जिम्मेदारी है।

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