मुंबई – साउथ साइबर क्राइम पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच राज्यों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन लोगों ने दक्षिण मुंबई के 68 वर्षीय व्यापारी से लगभग 11 करोड़ रुपये की ठगी की।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित व्यापारी ने दिसंबर 2025 में इंटरनेट पर शेयर मार्केट निवेश से जुड़े एक विज्ञापन को देखा था। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां निवेश और मुनाफे को लेकर बातचीत होती थी। ग्रुप के एडमिन ने व्यापारी को भरोसे में लेकर अपने जरिए निवेश करने के लिए राजी कर लिया।
इसके बाद पीड़ित ने करीब 20 दिनों में आरोपियों द्वारा बताए गए दो दर्जन से अधिक बैंक खातों में लगभग 11 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। शुरुआती जांच में सामने आया कि सातों आरोपियों के बैंक खातों में सीधे 2.1 करोड़ रुपये जमा हुए, जिन्हें “फर्स्ट लेयर अकाउंट” कहा जा रहा है।
बाद में एक ऐप के जरिए व्यापारी को दिखाया गया कि उसका निवेश और मुनाफा बढ़कर 18 करोड़ रुपये तक पहुंचगया है। लेकिन जब उसने रकम निकालने की कोशिश की तो वह असफल रहा। इसके बाद ग्रुप एडमिन ने उससे 8 करोड़ रुपये पेनल्टी के रूप में देने को कहा। तभी व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खाते देशभर में दर्ज 91 अन्य साइबर अपराध मामलों से जुड़े हो सकते हैं। शिकायतकर्ता द्वारा राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने के बाद विभिन्न खातों में मौजूद 2.1 करोड़ रुपये की राशि को ब्लॉक/सेव कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में गोंदिया (महाराष्ट्र), देवरिया (उत्तर प्रदेश), ओडिशा, बिहार और मोहाली (पंजाब) से लोग शामिल हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए नौ पुलिस टीमें बनाई गई थीं।
फिलहाल वरिष्ठ निरीक्षक नंदकुमार गोपाले, निरीक्षक संदीप काले और सहायक निरीक्षक इशान खारोटे, सपोनि सचिन त्रिमुखे, पीएसआय दीपेश शिंदे, हेड कांस्टेबल मधुकर लाहारे, संतोष गलांडे, प्रताप जाधव, निखिल गाड़े मामले की आगेकी जांच कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऑनलाइन निवेश से जुड़े किसी भी अनजान लिंक या ग्रुप से सावधान रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर क्राईम सी संपर्क करे









