मध्य प्रदेश के रतलाम क्षेत्र में दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस में लगी आग ने यात्रियों और रेलवे प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी। सुबह के समय हुई इस घटना में ट्रेन के एक एसी कोच से अचानक धुआं उठने लगा, जिसके बाद कुछ ही मिनटों में आग फैल गई। हालांकि रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा टीम की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ रही थी तभी यात्रियों और स्टाफ ने एक कोच से धुआं निकलता देखा। स्थिति गंभीर होती देख तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी गई और ट्रेन को नजदीकी सुरक्षित स्थान पर रोका गया। इसके बाद यात्रियों को सावधानीपूर्वक नीचे उतारने की प्रक्रिया शुरू की गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शुरुआत में कई यात्रियों को समझ नहीं आया कि क्या हो रहा है। जैसे-जैसे धुआं बढ़ता गया, लोगों में घबराहट फैल गई। कुछ यात्री अपने सामान को बचाने की कोशिश करते दिखे, जबकि रेलवे कर्मचारी लगातार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित कोच को बाकी ट्रेन से अलग कर दिया ताकि आग अन्य डिब्बों तक न पहुंचे। साथ ही सुरक्षा के लिए बिजली की ओवरहेड सप्लाई भी बंद कर दी गई। दमकल विभाग और रेलवे की तकनीकी टीम ने मिलकर आग पर काबू पाने का काम शुरू किया।
घटना के दौरान आसपास के इलाके में दूर तक काला धुआं दिखाई देता रहा। आग की वजह से रेलवे ट्रैक के पास मौजूद कुछ झाड़ियों और पेड़ों को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि समय रहते स्थिति नियंत्रित कर ली गई और किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं मिली।
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों की यात्रा जारी रखने के लिए विशेष व्यवस्था की। प्रभावित कोच के यात्रियों को अन्य डिब्बों में स्थानांतरित किया गया। कुछ स्टेशनों पर अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी भी की गई ताकि यात्रियों को असुविधा कम हो।
इस घटना का असर रेल संचालन पर भी पड़ा। कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोका गया और कुछ ट्रेनों के रूट तथा समय में बदलाव करना पड़ा। रेलवे कंट्रोल टीम लगातार ट्रैक की स्थिति और अन्य ट्रेनों की आवाजाही पर नजर रखती रही।
प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या इलेक्ट्रिकल सिस्टम में समस्या की आशंका जताई जा रही है। हालांकि रेलवे ने स्पष्ट किया है कि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। रेलवे सुरक्षा और इंजीनियरिंग विभाग ने संयुक्त जांच शुरू कर दी है।
रेल सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनों में नियमित तकनीकी निरीक्षण बेहद जरूरी होता है। एयर कंडीशनिंग सिस्टम, वायरिंग और बिजली से जुड़े उपकरणों की समय-समय पर जांच नहीं होने पर ऐसे हादसों का खतरा बढ़ सकता है।
यात्रियों ने राहत और बचाव कार्य में रेलवे कर्मचारियों की भूमिका की सराहना की। कई यात्रियों ने कहा कि स्टाफ ने तेजी से कार्रवाई की, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।







